फूलों की महक और उसकी खुशबू के साथ ,
तुम्हारे प्यार में मैंने कितने सारे गीत गाए।
कितने प्यार के अनमोल लमहे तुम्हारे साथ जिए।
कागज की नाव और फूलों की कश्ती बनाई ।
सपनों में समुंदर का किनारा भी तुम्हें दिखाया ।
चांद को तोड़ लाने का वादा भी तुम्हें मैंने किया।
फिर भी तुम ना मानी, मुझसे रूठी।
मेरी जान से दूर होकर ,मेरी आंखों के पलकों से,
दूर छुटी।
उन फूलों में आज भी तलाश है तुम्हारी।
उसी उम्मीद पर जीने की आस है मेरी।
जब आज किसी की होकर सामने से,
जाती हो बन ठन के।
तब लगता है ,तुम वही थी जो,
मेरे लिए निकलती थी बन ठन के ।
क्रोध तो आता नहीं किसी का बना हूँ मैं ।
किसी और के दिल में बसा हूं मैं ।
ह्रदय में तो आज भी प्रेम उमड़ आता है तुम्हारे लिए,
आज तुम कुछ इशारे करती हो प्यार के ।
पर आज मुझे कोई और मिल गया ।
जो जिंदगी भर साथ निभा दे ।
उसे छोड़ नहीं जा सकता साथ तुम्हारे।
जीवन की कहानी ले रो रहा था ।
पर किसी के साथ ने गिरते आंसू पौछे।
तब तुम तुम ना थी वहा।
गिरते आंसुओं को रोकने।
प्यार की भाषा सिखाने ।
आज देखता हूं तुम्हें ।
कभी जो थी मन में तू मेरे।
उस दिल से मन का रिश्ता निभाने,
देखा करता हूं मैं तुम्हें।
मन तो बहुत आज कहता है।
पर उसका कोई अर्थ ना होगा ।
जैसा है वैसा रहेगा।
जीवन का एक पल पल ।
हर लम्हा हर पल ।
खयालों में ही जीता रहूंगा ।
जीवन भर याद रखूंगा।
कभी तलाश थी जिंदगी की,
पहले ही पूरी हुई किसी के साथ से ।
तुम्हारी तो तलाश आज नहीं थी।
बरसों पहले कही होगी शायद....!
जब मिली तब अधूरी रही।
तलाश जिंदगी की.......!
तुम्हारे प्यार में मैंने कितने सारे गीत गाए।
कितने प्यार के अनमोल लमहे तुम्हारे साथ जिए।
कागज की नाव और फूलों की कश्ती बनाई ।
सपनों में समुंदर का किनारा भी तुम्हें दिखाया ।
चांद को तोड़ लाने का वादा भी तुम्हें मैंने किया।
फिर भी तुम ना मानी, मुझसे रूठी।
मेरी जान से दूर होकर ,मेरी आंखों के पलकों से,
दूर छुटी।
उन फूलों में आज भी तलाश है तुम्हारी।
उसी उम्मीद पर जीने की आस है मेरी।
जब आज किसी की होकर सामने से,
जाती हो बन ठन के।
तब लगता है ,तुम वही थी जो,
मेरे लिए निकलती थी बन ठन के ।
क्रोध तो आता नहीं किसी का बना हूँ मैं ।
किसी और के दिल में बसा हूं मैं ।
ह्रदय में तो आज भी प्रेम उमड़ आता है तुम्हारे लिए,
आज तुम कुछ इशारे करती हो प्यार के ।
पर आज मुझे कोई और मिल गया ।
जो जिंदगी भर साथ निभा दे ।
उसे छोड़ नहीं जा सकता साथ तुम्हारे।
जीवन की कहानी ले रो रहा था ।
पर किसी के साथ ने गिरते आंसू पौछे।
तब तुम तुम ना थी वहा।
गिरते आंसुओं को रोकने।
प्यार की भाषा सिखाने ।
आज देखता हूं तुम्हें ।
कभी जो थी मन में तू मेरे।
उस दिल से मन का रिश्ता निभाने,
देखा करता हूं मैं तुम्हें।
मन तो बहुत आज कहता है।
पर उसका कोई अर्थ ना होगा ।
जैसा है वैसा रहेगा।
जीवन का एक पल पल ।
हर लम्हा हर पल ।
खयालों में ही जीता रहूंगा ।
जीवन भर याद रखूंगा।
कभी तलाश थी जिंदगी की,
पहले ही पूरी हुई किसी के साथ से ।
तुम्हारी तो तलाश आज नहीं थी।
बरसों पहले कही होगी शायद....!
जब मिली तब अधूरी रही।
तलाश जिंदगी की.......!
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