बरसात

         बरसात

रिमझिम रिमझिम बरसात आयी।
सारी सृष्टी को तृप्त कर गयी।
धरती माता प्रसन्न हो उठी।
ऐसी ये बरसात आयी।
रिमझिम रिमझिम इसकी बूंदे।
टपक टपककर कहती कुछ,
ऐसी आयी ऐसी आयी।
टीप टीप करके गिरने लगी।
कभी आयी पानी बनकर।
तो कभी बरफ लेकर।
टप टप करके जोरसे टपकने लगी।
बारिश आयी बारीश आयी।
बरसात का मौसम लायी।
कही मचा तांडव इसका,
कही खुशी के सूर लहरायी।
कही ये रिमझिम बरसती।
टीम टीम के गीत गाती।
हवा मे कुछ सूर और निकलते।
इंद्रधनुष तो इसीमे झलके।
नीले ,पीले, हरे, लाल,
जैसे सुनहरा रंग महाल।
कही बरसती ,कही मटरगश्ती।
कही तूफा ,तो कही आंधी।
ऐसे भी मचाती शोर ,
रिमझिम रिमझिम बरसात आयी ।
मस्ती के सुर लहरायी ।
बादल से सिधी आयी ।
धरती पर गिर पडी ।
शोर मचाती ऐसे आयी ।
सारा जल बहा ले गयी ।
नदी को तो बहा ले गयी ।
नदीयो मे तो बाढ आ गयी ।
कभी शांत ,तो कभी उफनती ।
ऐसी आयी ,ऐसी आयी ।
धूम मचाते बरसात आयी ।
कभी छोटी बारिश बनी ।
तो कभी धूम धाम मचायी।
कभी रूठी ,तो कभी झूठी ।
ऐसी आयी, ऐसी आयी ।
बारीश बनकर बरसात आयी।
रिमझिम रिमझिम बरसात आयी ।
सभी तरफ मस्ती छायी ।
                                 -   Nikhil kusale






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